कैसे निकलें निराशा से बाहर – 10 Tips निराशा से बाहर निकलने के लिए

निराशा क्या है और क्यों होती है निराशा ?

दरअसल हम में से सभी लोग अपने अच्छे भविष्य के लिए और एक सुखी जिंदगी के लिए सपने देखते हैं | हमारी कुछ इच्छायें होती हैं, कुछ ख्वाहिशें होती हैं जिन्हें हम पूरा करना चाहते हैं | लेकिन सभी लोग अपनी इच्छाओं, ख्वाहिशों, सपनों को पूरा नहीं कर पाते | सभी लोग अपनी पसंद की सभी चीजो को हासिल नहीं कर पाते | जब हम अपनी इच्छाओं को पूरा नहीं कर पातें, जब हमारी चाहतें अधूरी रह जाती हैं तो हम निराश हो जाते हैं और हमारे अन्दर नकारात्मक विचार आ जाते हैं |

कुछ लोग अपनी आर्थिक स्थिति के कारण निराश होते हैं तो कई लोग परीक्षा में अच्छे नंबर ना लाने से या किसी प्रवेश परीक्षा में असफल होने के कारण तनाव में आ जाते हैं | किसी को मनपसंद नौकरी नहीं मिलती तो कोई अपनी पारिवारिक समस्याओं से निराश होता है | आजकल के ज्यादातर युवा अपनी Love story के अधूरी रह जाने के कारण भी Depression में आ जाते हैं | और भी बहुत से कारण हो सकते हैं निराश होने के, depressed होने के |

कभी कभी जिंदगी में कई मुश्किलें एक साथ आ जाती हैं जिनसे लोग इतने ज्यादा निराश हो जाते हैं आत्महत्या तक करने की सोच लेते हैं और कुछ कर भी लेते हैं |

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निराशा की पहचान  

जब लोग निराश होते हैं तो उनका किसी भी काम में मन नहीं लगता, हमेशा गुम शुम रहते है, अकेला रहते है | उनका किसी से बात करने का, किसी से मिलने जुलने का मन नही करता है | उनके मन में नकारात्मक विचार आने लगते हैं | उन्हें लगता है कि उनकी जिंदगी बेकार है | कोई उनके साथ नहीं है | उन्हें किसी पे  भरोसा नहीं रहता |

निराशा से बाहर निकलने के तरीके 

अगर आप निराशा से घिरे हुए हैं और तनावग्रस्त हैं तथा real में इनसे बाहर निकलना चाहते हैं तो ये tips आपके लिए ही हैं |

1. सोच में बदलाव करें

निराश होने की सबसे बड़ी वजह है बार बार दिमाग में नकारात्मक विचारों का आना | शोध में खुलासा हुआ है कि depressed  लोग अपनी उपलब्धियों, गुणों और अपनी प्रतिभा को धीरे धीरे ख़त्म कर देते हैं | इसलिए निराश होने की वजह चाहे कुछ भी हो हमेशा सकारात्मक सोच रखनी चाहिए | क्योंकि सकारात्मक सोच वाले व्यक्ति बड़ी से बड़ी मुश्किलों से भी बाहर आ जाते हैं |

इसलिए “मैं ये काम नहीं कर सकता ” या “ये चीज मेरी किस्मत में नहीं है ” के बजाय सकारात्मक होकर अपने आप से कहें कि ” मैं ये कर सकता हूँ ” और “मैं इस चीज को पा लूँगा ” |

2. जिस बात से निराशा होती है उसे भूल जाइये 

कभी कभी हमें एक या दो बात ही सबसे ज्यादा परेशान करती हैं और जब हम सकारात्मक होकर सोचते हैं तो देखते हैं कि उन बातों का कोई मतलब ही नहीं था | कुछ बातें हमारे वश में नहीं होती हैं और कुछ बातो की बेवजह हम tension ले लेते हैं | इसलिए जो बातें सबसे ज्यादा परेशान करती हैं उनको  भूल जाइये क्योंकि भूलने से हमारे दिमाग से एक बोझ सा उतर जाता है| जिससे हम रिलैक्स महसूस करते हैं |

3. अपने अच्छे कार्यों के बारे में सोचें 

Tension देने वाली बातों के बारे में ना सोचकर, अपने अच्छे कार्यो के बारे में सोचें, अच्छी यादों के बारे में सोचें | College में दोस्तों के साथ बिताये पल, lover के साथ बिताये गए पल, या परिवार के साथ बिताये गए अच्छे पल, या किसी टूर या पिकनिक पर बिताये गए यादगार लम्हों के बारे में सोचें | दोस्तों, परिवार वालो के दिए हुए उपहारों को देखें, अपनी birthday wishes पढ़ें | इनसे आपका मन हल्का होगा और आप relax महसूस करेंगे |

4. माफ़ करने की आदत डालें 

यदि कोई आपके साथ कुछ गलत करता है, आपके साथ धोखा करता है, आपका कोई नुकसान करता है, आपके भरोसे को तोड़ता है या फिर आपको प्यार में बेवफाई मिली है तो जाहिर सी बात उससे सभी को दुःख तो होता ही है और कभी कभी बहुत दुःख होता है | लेकिन अगर आप उसके बारे में ज्यादा सोचेंगे तो आप खुद ही परेशान होंगे उस पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा | उसके कर्मो का फल तो उसे भगवान जरुर देंगे | वो गलत है इसलिए उसने आपके साथ गलत किया लेकिन आप गलत नहीं हैं इसलिए उसे माफ़ करते हुए अपने दिलो दिमाग से हमेशा के उसे निकाल दें | फिर आप देखेंगे कि आप को एक अलग सी शांति और सुकून का अनुभव होगा और आप निराशा से बाहर निकल गए हैं |

5. अपने आप को Entertain करें 

निराशा से बाहर निकलने के लिए अपनी पसंद के गाने सुनें, अपनी पसंद की movie देखें, comedy movies देखें, जोक्स पढ़ें, जिन लोगो से बात करना अच्छा लगता हैं उनसे बात करें, परिवार या दोस्तों के साथ कहीं घूमने का, पिकनिक या movie देखने का प्लान बनायें या कुछ funny activities करें |

6. अपने आप को busy रखें 

अपने आप को कभी अकेला ना रहने दें क्योंकि अकेले में सबसे ज्यादा नकारात्मक विचार आते हैं | और कभी भी खाली ना बैठे, क्योंकि “खाली दिमाग, शैतान का घर” | इसलिये अपने आपको किसी ना किसी काम में व्यस्त रखें| अपने interest का काम करें, अच्छी किताबें पढ़े, Net surfing  करें, या दोस्तों से chat करें, घर या ऑफिस में गप्पे लड़ाएं, और भी कुछ ना हो तो घर के काम करें, पोधों को पानी दें ……..मतलब कुछ ना कुछ करते रहिये |

7. नशे से दूर रहें  

अक्सर निराशा में या तनाव में लोग नशा करने लग जाते हैं और सोचते हैं कि नशा उनकी tension को दूर कर देता है | जबकि वास्तव में ऐसा नहीं है | किसी भी तरह का नशा आपकी परिस्तिथियों को नहीं बदल सकता और ना ही समस्याओं को कम कर सकता है| और ना ही आपकी किसी tension को दूर कर सकता है | रात को नशा करके आप सो तो सकते हैं पर अगली सुबह वही समस्यायें, वही परिस्तिथियाँ आपके सामने रहेंगी | नशा करने से समस्यायें और बढ़ जाती हैं और परिस्तिथियाँ और बदतर हो जाती हैं| और आपके अन्दर एक गलत आदत और बढ़ जाती है जो आपकी सामाजिक प्रतिष्ठा, आपके स्वास्थय और आपके परिवार के लिए भी बहुत हानिकारक होती है | और नशा करके व्यक्ति को और ज्यादा निराशा होती है उसके दिमाग में और ज्यादा नकारात्मक विचार आते हैं | और वह कोई गलत काम भी कर सकता है | इसलिए नशे से सदा दूर रहें |

8. भरपूर नींद लें 

कम नींद लेने से शरीर थका थका सा लगता है, उर्जा में कमी महसूस होती है जिससे मन भारी भारी सा लगता है और किसी भी काम में दिल नही लगता और आप तनाव के शिकार हो जाते हैं | इसलिए कम से कम  6 – 8 घंटे की भरपूर नींद लें | भरपूर नींद लेने से शरीर को एक नयी उर्जा और ताजगी का एहसास होता है | मन हल्का और शांत होता है जो आपकी निराशा और तनाव को कम करने में मदद करता है  |

9. व्यायाम करें 

रोजाना सुबह घूमने जाएँ , योग करें, व्यायाम करें | तैराकी, साइकिलिंग या दौड़ भी सकते हैं | सुबह उठकर घूमने जाने से हमें ताजा वायु मिलती है, व्यायाम करने से माँसपेशियों में उत्तेजना आती है जिससे हमारे अन्दर एक नयी उर्जा का संचार होता है जो हमारे आत्मविश्वास को बढाता है और फालतू बातों से हमारा ध्यान हटाता है | और हम तनावमुक्त होने लगते हैं |

10. अपने आप को किसी से compare ना करें

अपने आपको कभी किसी से compare ना करें | दूसरो के रहन सहन, उनकी अमीरी, उनके शौक देखकर ईर्ष्या ना करें और ना ही उन चीजों के आपके पास ना होने से अपनी किस्मत को दोष दें | दरअसल आप किसी भी क्षेत्र में देख लें, चाहे education  हो या धन दौलत , सभी को इन चीजों को हासिल करने के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ती है | और अगर किसी के पास ये चीजें आप से ज्यादा हैं तो इसका सीधा सा मतलब है कि उसने वहाँ तक पहुँचने के लिए मेहनत भी आप से ज्यादा की है | इसलिए कभी भी किसी से अपनी तुलना ना करें और उस चीज को पाने के लिए सकारात्मक सोच के साथ मेहनत करते रहें | और जो चीजें वर्तमान में आपके पास हैं उनसे संतुष्ट रहे |

दोस्तों ऊपर दी गयी tips  वास्तव में काम करती हैं और मेरी आजमायी हुई हैं | इसलिए मैंने आपकी मदद करने के लिए ये tips यहाँ post की हैं ताकि आप भी इनसे लाभ ले सकें |


““आपको ये लेख कैसा लगा, कृप्या कमेंट के माध्यम से  मुझे बताएं “………धन्यवाद

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नकारात्मक विचार – सकारात्मक विचार

आजकल की इस भागदौड़ भरी जिंदगी में जहाँ समय और सुकून की कमी है वहीँ इसके बावजूद लोग अपनी जिंदगी को भौतिक सुख सुविधाओ से परिपूर्ण करना चाहते हैं, लेकिन जब लोगो की इच्छायें, उनकी ख्वाहिशें पूरी नहीं होती तो वे नकारात्मकता के शिकार हो जाते हैं |9

अपनी जिंदगी को बेहतर बनाने के लिए, अपने भविष्यको सँवारने के लिए हम में से लगभग सभी मेहनत करतें हैं | ज्यादातर लोग एक बेहतर मुकाम पाने के लिए लक्ष्य बनातें हैं तथा सपने देखते हैं लेकिन सिर्फ कुछ लोग ही अपनी मंजिल को पाते हैं | लोग अपने सपनों को पूरा करनें के लिए प्रयास तो पूरे उत्साह के साथ शुरू करतें हैं लेकिन जरा सी मुश्किलें आते ही उनका उत्साह कम हो जाता है और वो प्रयास करना छोड़ देते हैं और जो लोग अन्त तक पूरे उत्साह और दृढ़ता के साथ लगे रहते हैं वो अपनी मंजिल को प्राप्त करते हैं अपने सपनों को पूरा करतें हैं |

यहाँ हम दो तरह के लोगो को देखते हैं – एक वो जिन्होंने प्रयास करना छोड़ दिया और दूसरे वो जिन्होंने अन्त तक प्रयास किया और अपने लक्ष्य को प्राप्त किया |

“क्या फर्क है इन दोनों तरह को लोगों में”

इनमें फर्क है इनकी सोच का | इनमें प्रयास करना छोड़ने वालों की सोच नकारात्मक है और अन्त तक प्रयास करनें वालों को सोच सकारात्मक है |

जिन लोगों की सोच नकारात्मक होती है वे जरा सी समस्या होनें पर अपने प्रयासों को अधूरा छोड़ देतें हैं और अलग – अलग बहाने बनाते हैं कि मेरी किस्मत खराब है, मेरे पास पैसा नहीं है, मेरे पास समय नहीं है, मैं अकेला था, मुझे किसी ने सपोर्ट नहीं किया, मैंने तो कोशिश की थी लेकिन वो चीज मेरी किस्मत में ही नहीं है, आदि आदि |

इससे अलग सकारात्मक सोच वाले कभी बहाने नहीं बनाते | चाहे कितनी भी मुश्किलें आयें, कितनी भी समस्यायें आयें वो हर समस्या का दृढ़ता से सामना करतें हैं और जब तक अपने कार्य में सफल नहीं हो जाते हैं तब तक प्रयास करते रहते हैं और अन्त में जीत जाते हैं |

“हो सकता है” और “नहीं हो सकता है” में सिर्फ एक शब्द का अंतर है और ये ही शब्द आपके जीवन की दिशा निर्धारित करता है | अगर आप सोचतें हैं कि आप उस कार्य को कर सकते हैं तो आप कर सकते हैं और अगर आप सोचतें हैं कि आप उस कार्य को नहीं कर सकते तो आप वाकई नहीं कर सकते हैं और दोनों ही दशाओं में आप सही हैं | इनमे से एक दशा नकारात्मक है और दूसरी सकारात्मक | अब आपको तय करना है कि आपको किसका चयन करना है |

एक पेड़ से लाखों माचिस की तिल्लियां बनायीं जा सकती हैं लेकिन एक तिल्ली लाखों पेड़ों को जला देती है | उसी प्रकार एक नकारात्मक विचार आपके हजारों सपनों को जला सकता है |

हर चीज को, हर मुश्किल को, हर समस्या को सकारात्मकता के साथ देखिये, फिर आप देखेंगें कि आपने अपनी समस्याओं का हल निकाल लिया है | और फिर आपको एक नयी सोच , नयी उम्मीद , एक नया नजरिया देखने को मिलेगा |

क्योंकि एक बार जब आप अपने नकारात्मक विचारों को सकारात्मक विचारों में बदल देंगें तब आपको सकारात्मक नतीजें मिलने शुरू हो जायेंगे |

सकारात्मक सोच वाला व्यक्ति हर मुश्किल का सामना कर लेता है, हर समस्या का समाधान कर लेता है और अन्त में अपनी मंजिल को पा लेता है |

इसलिए नकारात्मक विचार छोड़िये और सकारात्मक विचार अपनाइए |


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